कला साहित्य संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग राजस्थान सरकार एवं आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा राजस्थान के निर्देशों की अनुपालना में एवं प्राचार्य प्रोफ़ेसर दीपक माहेश्वरी के निर्देशन में दिनांक 11.5.2026 को महाविद्यालय के पन्नाधाय सभागार में सोमनाथ मंदिर पर 1000 वर्ष पूर्व हुए आक्रमण एवं 75 वर्ष पूर्व हुए पुनरुद्धार के उपलक्ष्य में महाविद्यालय के संकाय सदस्यों एवं छात्राओं की उपस्थिति में एक कार्यक्रम आयोजित हुआ कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में इतिहास विभाग की प्रोफेसर डॉक्टर शिल्पा मेहता ने सोमनाथ मंदिर के पौराणिक एवं वैदिक संदर्भों को उद्धृत करते हुए इसके प्राचीन इतिहास से श्रोताओं को अवगत कराया। मुख्य वक्ता ने अपने वक्तव्य में बताया कि सोमनाथ का मंदिर भारत के प्रसिद्ध द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम है, इस मंदिर के पास प्राचीन समय में अकूत संपत्ति थी और प्रभास पाटन का क्षेत्र औद्योगिक और व्यापारिक रूप से अत्यंत समृद्ध था। मुस्लिम आक्रांता महमूद गजनवी ने इस मंदिर को सन 1026 में ध्वस्त कर दिया और जितने रत्न वह ले जा सकता था अपने साथ ले गया लेकिन देश की संस्कृति को न लूट सका। इसके बाद मंदिर का पुनः निर्माण करवाया गया, मंदिर के ध्वस्त होने और पुनर्निमित होने की प्रक्रिया यहीं नहीं रुकी, मुगल शासक औरंगज़ेब ने भी इस मंदिर को क्षति पहुंचाई थी परंतु यह सोमनाथ का प्रभाव और प्रताप ही था की यह मंदिर आज भी अपने पूर्ण वैभव के साथ अवस्थित है वस्तुत यह सनातन संस्कृति और भारतीय धर्म की जिजीविषा एवं उसके सातत्य का जीवन्त प्रमाण है। यह मंदिर यह भी संदेश देता है कि जीवन में ध्वंस से विचलित नहीं होना चाहिए, अपितु इसके पुनर्गठन का प्रयास निरंतर होना चाहिए इसके पूर्व डॉक्टर भवशेखर ने विषय का प्रवर्तन किया, चित्रकला विभाग की छात्राओं ने डॉ दीपक सालवी के निर्देशन में सोमनाथ मंदिर के अतीत और वर्तमान से संबंधित चित्रों की एक सुंदर प्रदर्शनी भी आयोजित की। डॉ प्रहलाद धाकड़ ने कार्यक्रम का विधिवत् संचालन किया, प्रोफेसर चंदनबाला मारू ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस कार्यक्रम में डॉ डी के मीणा, डॉ श्रद्धा तिवारी, प्रोफेसर अंजना, डॉ भवशेखर डॉ वैशाली देवपुरा डीआर शुभ्रा तिवारी डॉ कैलाश नगर डॉ सागर सांवरिया, डॉ सुनील खटीक, उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत से हुआ।
Principal,
Government Meera Girls College,
Udaipur 313001
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