“नशे की लत से मुक्ति की ओर बढ़े कदम.”

राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय में नई किरण:नशा मुक्ति केंद्र समिति के तत्वावधान में छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों एवं उससे मुक्ति के उपायों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. अंजना गौतम ने अपने उद्बोधन में कहा कि नशे की समस्या व्यक्ति के मानसिक एवं सामाजिक जीवन को प्रभावित करती है, इसलिए युवाओं में जागरूकता और सकारात्मक सोच विकसित करना आवश्यक है। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. दिव्य कुमार वर्मा, BHMS, MD (Hom.), वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी-2, होम्योपैथिक चिकित्सा विभाग ने अपने व्याख्यान से छात्राओं को नशे की लत से मुक्ति में व्यक्ति की मानसिक स्थिति, इच्छा शक्ति और सकारात्मक सोच के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नशे की आदत व्यक्ति के मन और व्यवहार को प्रभावित करती है तथा इससे बाहर निकलने के लिए केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक स्तर पर भी प्रयास आवश्यक हैं। द्वितीय सत्र में मुख्य वक्ता, डॉ. अजय कुमार चौधरी, प्रोफेसर, मनोविज्ञान ने छात्राओं को बताया कि नशे की रोकथाम एवं उससे उबरने में मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण का विशेष महत्व है। उन्होंने बताया कि नशे की शुरुआत के पीछे तनाव, भावनात्मक समस्याएं, सामाजिक परिस्थितियां तथा साथियों का प्रभाव जैसे विभिन्न कारक हो सकते हैं। उन्होंने छात्राओं को तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, स्वस्थ दिनचर्या और परिवार एवं समाज के सहयोग को नशे से बचाव के महत्वपूर्ण माध्यमों के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में अतिथि परिचय प्रो. शिप्रा भारद्वाज द्वारा दिया गया। कार्यक्रम का संचालन सखी समूह से छात्रा सारा द्वारा किया गया । डॉ. साक्षी चौहान ने आभार व्यक्त किया । कार्यक्रम के आयोजन में वंदना मेघवाल नशा मुक्ति केंद्र सदस्य का सक्रिय सहयोग रहा। छात्राओं ने उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया ।

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